इंतजार.
एक आर्मी के जवान की कहानी.
एक दिन घाटी में बड़ा य युद्ध चल रहा था. सुबह उठते ही टीवी चालू किया न्यूज़ चालू थी इस युद्ध में 2 जवान शहीद हो गए बस यही तमन्ना थी कि इस युद्ध में शहीद कहीं रौनक तो नहीं.अभी थोड़े हफ्ते पहले ही रौनक आया था अपनी शादी के शादी के लिए और शादी धूमधाम से संपूर्ण पूरा हुआ था उसके और और उसकी पत्नी प्रिया में प्यार भी बहुत था अभी शादी को थोड़ा ही समय निकला था कि रौनक को आर्मी से खत आया कि उनकी छुट्टी खत्म हो गई है और उसका वहां काम भी है |
अगले दिन रौनक ने अपनी सारी पैकिंग कर ली और वह जाने के लिए तैयार हो गया. उसकी पत्नी प्रिया का बिल्कुल मन नहीं था पर रोनक जानेके लिए मजबूर था.रोनक सबको गले मिलकर जाने लगा और प्रिया से आकर बोला मैं जल्द ही वापस आऊंगा फिर हम घूमने चलेंगे फिर रोनक घर के बाहर निकला और सब उसको छोड़ने के लिए बाहर निकले.
उसकी पत्नी प्रिया उसके इंतजार में बेजान हो गई थी अचानक ही फोन आया और प्रिया ने उठाया और प्रिया की आवाज सुनकर उसकी जान में जान आई.
MORAL:
एक आर्मी मैन के लिए अपने वतन से बड़ा कुछ नहीं होता. देश के लिए वह अपनी जान खुशी-खुशी दे देते हैं. अपने वतन के लिए मर मिटने को भी तैयार रहते हैं
जय हिंद

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