sardar vallabhbhai patel autobiography
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर के रोज 1875 में नडियाद में पैदा हुए थे उनकी माता का नाम लाडबाई था और उनके पिता का नाम जवेर भाई था सरदार पटेल उनके माता-पिता की चौथी संतान थे और उनके पिता एक किसान थे और उनकी माता एक आध्यात्मिक महिला थी
सरदार वल्लभ भाई पटेल के तीन बड़े भाई थे पहले का नाम नरसी भाई दूसरे का नाम विठल भाई और तीसरे का सोमाभाई था और उनकी एक छोटी बहन भी थी उनका नाम दहीबा था
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने उनकी शिक्षा की शुरुआत गुजराती मीडियम स्कूल में की थी और थोड़ी कक्षा के बाद इंग्लिश मीडियम में शिक्षा ली वे सन् 1897 में यानी की 22 साल की उम्र में उन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की थी उनके घर के हालत ठीक न होने के कारण वे घर में ही पढ़ाई करते थे और उन्होंने जीलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी की और उनके सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए थे उसके बाद भी 1910 में लॉ की डिग्री हासिल करने इंग्लैंड गये उन्होंने लॉ के 36 महीनों के कोर्स को 30 महीनों में ही पूरा कर दिया वे 1913 में लॉ की पढ़ाई पूरी करके फिर भी गुजरात लौट आए उधर गोधरा में उन्होंने लॉ की प्रैक्टिस शुरू
थोड़े दिन बाद सरदार वल्लभभाई पटेल अहमदाबाद में एक वकील के तौर पर काम करने लगे इन दिनों उन्होंने महात्मा गांधी जी के समारोह में भाग लिया गांधी जी की बात से प्रभावित होकर सरदार पटेल धीरे-धीरे राजनीति में भाग लेने लगे गांधीजी के बात से प्रभावित होकर साल 1920 में असहयोग आंदोलन किया उसके बाद वे कहीं आंदोलन में सहयोग दिया
इसके बाद भी अपनी प्रसिद्धि के कारण हमदाबाद में हुई निगम में साल 1922 , 1924 और 1927 में अहमदाबाद के निगम के अध्यक्ष के पद पर रहे
इस तरह वे भारत में कहीं आंदोलन किए अौर समय बीतता गया और उनकी तबीयत खराब रहने लगी और बहुत तबीयत खराब होने के कारण उन्हे 15 दिसंबर को 1950 में हार्ड अटैक आया और वह हमारे देश की एक महान आत्मा का निधन हो गया
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर के रोज 1875 में नडियाद में पैदा हुए थे उनकी माता का नाम लाडबाई था और उनके पिता का नाम जवेर भाई था सरदार पटेल उनके माता-पिता की चौथी संतान थे और उनके पिता एक किसान थे और उनकी माता एक आध्यात्मिक महिला थी
सरदार वल्लभ भाई पटेल के तीन बड़े भाई थे पहले का नाम नरसी भाई दूसरे का नाम विठल भाई और तीसरे का सोमाभाई था और उनकी एक छोटी बहन भी थी उनका नाम दहीबा था
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने उनकी शिक्षा की शुरुआत गुजराती मीडियम स्कूल में की थी और थोड़ी कक्षा के बाद इंग्लिश मीडियम में शिक्षा ली वे सन् 1897 में यानी की 22 साल की उम्र में उन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की थी उनके घर के हालत ठीक न होने के कारण वे घर में ही पढ़ाई करते थे और उन्होंने जीलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी की और उनके सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए थे उसके बाद भी 1910 में लॉ की डिग्री हासिल करने इंग्लैंड गये उन्होंने लॉ के 36 महीनों के कोर्स को 30 महीनों में ही पूरा कर दिया वे 1913 में लॉ की पढ़ाई पूरी करके फिर भी गुजरात लौट आए उधर गोधरा में उन्होंने लॉ की प्रैक्टिस शुरू
थोड़े दिन बाद सरदार वल्लभभाई पटेल अहमदाबाद में एक वकील के तौर पर काम करने लगे इन दिनों उन्होंने महात्मा गांधी जी के समारोह में भाग लिया गांधी जी की बात से प्रभावित होकर सरदार पटेल धीरे-धीरे राजनीति में भाग लेने लगे गांधीजी के बात से प्रभावित होकर साल 1920 में असहयोग आंदोलन किया उसके बाद वे कहीं आंदोलन में सहयोग दिया
इसके बाद भी अपनी प्रसिद्धि के कारण हमदाबाद में हुई निगम में साल 1922 , 1924 और 1927 में अहमदाबाद के निगम के अध्यक्ष के पद पर रहे
इस तरह वे भारत में कहीं आंदोलन किए अौर समय बीतता गया और उनकी तबीयत खराब रहने लगी और बहुत तबीयत खराब होने के कारण उन्हे 15 दिसंबर को 1950 में हार्ड अटैक आया और वह हमारे देश की एक महान आत्मा का निधन हो गया
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ENGLISH:-
Sardar Vallabhbhai Patel was born on 31 October in the year 1875 in Nadiad, his mother's name was Ladbai and his father's name was Javar Bhai, Sardar Patel was the fourth child of his parents and his father was a farmer and his mother was one Was a spiritual woman
Sardar Vallabh Bhai Patel had three elder brothers, the first was the name of Narsi Bhai, the second was Vithal Bhai, and the third had Somabhai and he had a younger sister, whose name was Dahiba.
Sardar Vallabhbhai Patel started his education at the Gujarat Secondary School and after a few years he took education in English medium. In 1897, at the age of 22, he passed the 10th examination, Due to that he used to study at home and he prepared for the examination of the District Collector and received the highest marks, even after obtaining a degree in Law in 1910 Rene went to England, he completed the 36 months course of Law in 30 months only, after completing his Law of Law in 1913, he returned to Gujarat and started practicing law in Godhra.
Shortly afterwards, Sardar Vallabhbhai Patel started working as an advocate in Ahmedabad. During these days, he attended Mahatma Gandhi's celebrations. Affected by the talk of Gandhiji, Sardar Patel gradually started taking part in politics, influenced by Gandhiji's point of view. After the non-cooperation movement in the year 1920, they collaborated somewhere in the movement
Even after this, due to its fame, in the corporation of Ahmedabad, in the year 1922, 1924 and 1927, the post of chairman of Ahmedabad was held.
In this way, they took a movement somewhere in India and the time passed and their health began to worsen and due to the poor health, they got hard attacks on December 15, 1950 and they died a great soul of our country.

Very nice thnx
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